उस दिन वह चुप था — और यही सबसे डरावना था
कुछ लोग अपने दर्द को शब्दों में नहीं बाँध पाते।वे न रोते हैं, न शिकायत करते हैं,बस धीरे-धीरे चुप हो जाते हैं।यह कहानी ऐसे ही एक इंसान की है,जिसकी खामोशी को समय रहते समझा नहीं गया। एक भावनात्मक कहानी जो सोच बदल देती है उस दिन वह कुछ ज़्यादा ही चुप था।ना ग़ुस्सा, ना शिकायत, … Read more